जल्द ही डाकघरों में बैंक खुलने की बात सामने आ रही है लेकिन यह तभी संभव है जब सरकार सुब्रमण्यम कमिटी की सिफारिशें मानें. कमिटी ने सरकार को रिपोर्ट सौंप दी है. जानकारी के मुताबिक रिपोर्ट में कहा गया है कि देशभर में फैले डेढ़ लाख से भी ज्यादा डाकघरों में बैंकिंग, बीमा व ई-कॉमर्स सेवाएं बहुत ही जल्द शुरु की जानी चाहिए. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इसके लिए जरूरी है डाक विभाग के अधीन होल्डिंग कंपनी स्थापित की जाए जिससे कि इन कामों को करने में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.
गुरुवार को इस कमिटी ने डाकघरों के नेटवर्क का फायदा उठाने से जुड़ी रिपोर्ट को आईटी और टेलिकॉम मंत्री रविशंकर प्रसाद को सौंप दिया है जिसमें कहा गया है कि होल्डिंग कंपनी के पांच अलग-अलग क्षेत्र होने चाहिए जिसमें से तीन क्षेत्रों यानि बैंकिंग, बीमा और ई-कॉमर्स में जल्द ही काम शुरु किया जा सकता है. इस रिपोर्ट में कहा गया कि डाक विभाग के लिए बैंकिंग के बाद ई-कॉमर्स दूसरी सबसे बड़ी गतिविधि हो सकती है और ऐसा होने पर डाक विभाग दुनिया के सबसे बड़े संगठनों में से एक होकर उभरेगा.
कमिटी का कहना है कि भारतीय डाक बैंक को अलग इकाई के तौर पर स्थापित करना बेहतर होगा क्योंकि पहले तीन साल में प्रत्येक जिले में इसकी तीन शाखाएं खोलने का टारगेट रखा जाना चाहिए और इसके लिए सरकार से 500 करोड़ रुपये की शुरुआती पूंजी मुहैया कराई जा सकती है. वहीं इस कमिटी के अध्यक्ष टी.एस.आर. सुब्रमण्यम ने कहा भारतीय डाक बैंक और पीएम नरेंद्र मोदी की जनधन योजना वित्तीय समावेश के लिए एक-दूसरे के पूरक साबित हो सकते हैं.

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