Thursday, December 11, 2014

संकट झेल रहे स्पाइसजेट ने 100% कम किया किराया

डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) द्वारा एडवांस बुकिंग को एक महीने तक सीमित करने के आदेश के बाद से अंतिम समय में बुक किए जानेवाले टिकटों के दाम घटाने को लेकर एयरलाइनों के बीच होड़ लग सकती है. इसकी वजह से स्पाइसजेट देश के महत्वपूर्ण रूट्स पर अपने कॉम्पिटिटर्स को कड़ा मुकाबला देने के लिए 100 फीसदी तक किराया कम करने का ऑफर दे रही है. हालांकि, मार्केट में कैपेसिटी कम होने की वजह से औसत किराया 15 फीसदी बढ़ गया है. 
बुधवार को ट्रैवल पोर्टल्स पर मौजूदा एयरलाइंस के किराए से पता चला कि स्पाइसजेट डीजीसीए का ऑर्डर लागू होने के पहले दिन प्रमुख मेट्रो सेक्टर्स पर सबसे कम किराया ऑफर कर रही है. इस ऑर्डर की वजह से स्पाइसजेट एक महीने से बाद की अडवांस बुकिंग नहीं ले सकती जिसका मतलब है कि एयरलाइन 10 दिसंबर को 9 जनवरी, 2015 तक की यात्रा के लिए टिकट बेच सकती है.
जानकारों के अनुसार ऐसा केवल डिमांड और सप्लाई में संतुलन बिगड़ने की वजह से हो रहा है. स्पाईसजेट की करीब 1800 उड़ानें रद्द हो चुकी हैं और करीब 6 महीने पहले स्पाइसजेट जहां 35 बोईंग विमान उड़ा रही थी वहीं अब इनकी संख्या घटकर 20 के आसपास रह गई है. इस बात की भी आशंका जताई जा रही है कि लीज की दिक्कत के चलते 5 और विमान कम हो सकते हैं. वहीं 345 रोजाना उड़ानों में से करीब 100 उड़ानें घट चुकी हैं और इसके अलावा यात्री भी कैंसिलेशन के चलते स्पाइसजेट से टिकट खरीदना भरोसेमंद नहीं मान रहे हैं. इस कारण से दूसरी एयरलाइंस के टिकट की डिमांड बढ़ गई है और इसका सीधा असर यात्री किराए पर पड़ रहा है.
इस उतार-चढ़ाव को लेकर ट्रैवल ऐनालिस्ट्स का कहना है कि भारतीय मार्केट से स्पाइसजेट की उड़ानें कम करने की वजह से भी एवरेज किराए में बढ़ोतरी हुई है. स्पाइसजेट भले ही प्रमुख सेक्टर्स पर अंतिम मिनट में सस्ते किराए ऑफर कर रही है लेकिन नवंबर के आखिर से किरायों की तुलना की जाए तो एवरेज फेयर लगभग 15 फिसदी ज्यादा है.

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