आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) के Shamiwitness Twitter अकाउंट के अरबी ट्वीट्स को अंग्रेजी में अनुवाद कर री-ट्वीट करनेवाले मेहदी मसरूर बिस्वास की जांच में जुटी खुफिया एजेंसियों के साथ अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए भी शामिल हो गई है. इसकी खबर की पुष्टि करते हुए बेंगलुरु के पुलिस कमिशनर रेड्डी ने कहा कि बेंगलुरु पुलिस और खुफिया एजेंसियों के साथ एनआईए भी अब इस मामले की जांच को आगे बढ़ा रही है.
आपको बता दें कि रविवार को बेंगलुरु की एक निचली अदालत ने मेहदी मसरूर को 5 दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा है और तब से बेंगलुरु के सुरक्षित ठिकानों पर उससे लगातार पूछताछ की जा रही है. जांच से जुड़े अधिकारियों के हवाले से यब खबर सामने आ रही है कि मेहदी से अब यह पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं कि क्या वह आईएसआईएस के किसी स्लीपर सेल को तैयार करने में जुटा था या उसने ऐसा कोई संगठन तैयार भी कर लिया था या फिर देश में सक्रिय आतंकवादी संगठनों से उसका कोई तालमेल था.
इसके लिए मेहदी मसरूर के सोशल मीडिया अकाउंट्स के साथ-साथ फोन, ई-मेल से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की जा रही है. उसके ट्विटर अकाउंट का डेटा साइज काफी बड़ा है इसलिए पुलिस कमिश्नर ने ट्विटर इंडिया कॉरपोरेशन के अधिकारियों के साथ बैठक की और इस अकाउंट से जुड़ी तमाम जानकारी मांगी हैं. वहीं मेहदी मसरूर की गिरफ्तारी के बाद डीसीपी क्राइम को मिल रही धमकियों पर पुलिस का कहना है कि वह इन धमकियों को ज्यादा अहमियत नहीं दे रहें हैं लेकिन धमकी वाले ट्वीट्स भेजनेवालों के खिलाफ जल्द ही कर्रवाई की जाएगी.

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