यूपी में धर्म-परिवर्तन के मुद्दे को लेकर मचा बवाल थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. अलीगढ़ में 25 दिसंबर को होनेवाले घर वापसी नाम के एक कार्यक्रम को लेकर फिर से विवाद शुरू हो गया है. इस मामले में प्रशासन की तरफ से किसी भी तरह के धर्म परिवर्तन के कार्यक्रम पर रोक लगी हुई है लेकिन आरएसएस से संबंध रखनेवाली संस्था धर्म जागरण समिति के सदस्यों का कहना है कि वह किसी भी कीमत पर इस कार्यक्रम को पूरा करके रहेंगे.
वहीं आगरा में हुए धर्म-परिवर्तन को लेकर भले ही राजनीतिक दलों के बीच सियासी घमासान छिड़ गया हो लेकिन हमेशा अपने विवादित बयानों से सुर्खियों में रहनेवाले यूपी के राज्यपाल राम नाइक ने इस मामले पर अपनी राय देकर एक नई बहस छेड़ दी है.
नाइक का कहना है कि धर्म-परिवर्तन गलत नहीं है और इसे सियासी तौर पर तूल नहीं दिया जाना चाहिए. नाइक का कहना है कि संविधान निर्माता बाबा साहब भीम राव अंबेडकर ने भी अपना धर्म-परिवर्तन कर हिन्दू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपनाया था तो इस मुद्दे पर यूपी में जो सियासी कोहराम मचा है वह गलत है क्योंकि धर्म-परिवर्तन राजनैतिक संघर्ष का नहीं, बल्कि वैचारिक बदलाव का मामला है.
सोमवार को धर्म-परिवर्तन के मुद्दे को लेकर संसद में भी खूब जमकर हंगामा हुआ. ताजा विवाद बीजेपी सांसद योगी आदित्यनाथ के बयान से पैदा हुआ जिसमें उन्होंने धर्म-परिवर्तन के काम में सरकार से रुकावट न डालने की मांग की थी. वहीं राज्यसभा में इस मुद्दे पर तमाम विपक्ष एकजुट होकर पीएम से स्थिति को साफ करने की मांग कर रहा है.

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