बेंगलुरु की एक निचली अदालत ने आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट का ट्विटर हैंडल को ऑपरेट करनेवाले मेहदी मसरूर बिस्वास को 5 दिनों की पुलिस हिरासत मे भेज दिया है. हालांकि पुलिस ने अदालत से 10 दिनों की हिरासत की मांग की थी. मेहदी की गिरफ्तारी से आईएसआईएस के समर्थक हताशा में बेंगलुरु पुलिस को लगातार धमकियां दे रहे हैं. पुलिस को धमकी भरे कई ट्वीट्स मिले हैं जिनकी जांच चल रही है. हालांकि अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि ये धमकियां कौन दे रहा हैं लेकिन इतना जरूर साफ हो गया है कि इम धमकियों को कोई आईएस समर्थक अथवा आईएस से जुड़ा ही कोई दे रहा है.
दूसरी तरफ मेहदी मसरूर जिन लोगों के साथ संपर्क में था उनकी तलाश में क्राइम ब्रांच की एक टीम मैसूर भेजी गई है क्योंकि मेहदी लगातार वहां पर किसी के संपर्क में था और हाल ही में वह वहां से लौटा भी था. क्राइम ब्रांच के संयुक्त आयुक्त हेमंत निम्बालकर के अनुसार मेहदी के सभी संपर्कों की बारीकी से जांच की जा रही है जिससे कि यह पता लगाया जा सके कि इस अकाउंट की आड़ में कहीं आईएसआईएस का कोई स्लीपर सेल सक्रिय तो नहीं था या फिर इसकी बुनियाद तो नहीं डाली जा रही थी.
अब तक की जांच से मेहदी के बारे सिर्फ इतना ही पता चल पाया है कि वह आईएसआईएस से प्रभावित था और उसके लिए ट्विटर के जरिए प्रोपेगंडा किया करता था. वह आईएसआईएस के अरबी के ट्वीट्स को अंग्रेजी में अनुवाद कर री-ट्वीट करता था और वह आईएसआईएस के पढ़े-लिखे लड़ाकों के बीच काफी लोकप्रिय हो गया था. फिलहाल खुफिया एजेंसियों के साथ-साथ बेंगलुरु पुलिस लगातार मेहदी से पूछताछ कर रही है. वहीं पुलिस मेहदी के कंप्यूटर और टेक्नोलॉजी की जानकारी से काफी अचंभित है.

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