फिल्म जगत में अभिनय के महारथी रजनीकांत का आज जन्मदिन है. वह 64 साल के हो गए हैं. अपने चलने की खास शैली और संवाद अदायगी के अनोखे अंदाज से लोकप्रियता पानेवाले रजनीकांत को उनके प्रशंसक भगवान के तरह पूजते हैं. आज रजनीकांत के प्रशंसकों के लिए दोहरी खुशी है क्योंकि आज उनका जन्मदिन तो है ही साथ ही आज उनकी फिल्म ‘लिंगा’ भी रिलीज हो रही है.
रजनीकांत का जन्म 12 दिसंबर, 1950 को बेंगलुरू में हुआ था. उनके बचपन का नाम शिवाजी राव गायकवाड़ है. उनके पिता रामोजी राव गायकवाड़ एक हवलदार थे. मां जीजाबाई की मौत के बाद चार भाई-बहनों में सबसे छोटे रजनीकांत को अहसास हुआ कि घर की माली हालत ठीक नहीं है जिसके बाद उन्होंने परिवार को सहारा देने के लिए कूली का काम करना शुरु किया. यह अपने आप में प्रेरणादायी है कि कैसे एक कूली और बेंगलुरू परिवहन सेवा (बीटीएस) का एक मामूली सा बस कंडक्टर भारतीय सिनेमा में सबसे ज्यादा मेहनताना पानेवाला सुपरस्टार बन गया. इसके लिए रजनीकांत ने कड़ी मेहनत भी की है.
अभिनय में दिलचस्पी के चलते उन्होंने 1973 में मद्रास फिल्म संस्थान में दाखिला लिया और अभिनय में डिप्लोमा प्राप्त किया. आपको बता दें कि रजनीकांत उन चुनिंदा अभिनेताओं में से एक हैं जिनमें शुरुआत से लेकर शोहरत पाने की बुलंदियां छूने तक विनम्रता दिखाई देती है.
एक नाटक के मंचन के दौरान रजनीकांत की मुलाकात फिल्म निर्देशक के. बालाचंदर से हुई जिन्होंने उनके समक्ष अपनी तमिल फिल्म में अभिनय करने का प्रस्ताव रखा. इस तरह रजनीकांत के करियर की शुरुआत 1975 में आई बालाचंदर द्वारा निर्देशित तमिल फिल्म 'अपूर्वा रागंगाल' से हुई जिसमें उन्होंने खलनायक की भूमिका निभाई. उनकी भूमिका वैसे तो बहुत छोटी थी लेकिन इसने उन्हें आगे और भूमिकाएं दिलाने में काफी मदद की. वहीं इस फिल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार से भी नवाजा गया.
आपने करियर के शुरुआत में तमिल फिल्मों में खलनायक की भूमिकाएं निभाने के बाद रजनीकांत धीरे-धीरे एक स्थापित अभिनेता की तरह उभरे. 1975 में आई तेलुगू फिल्म 'छिलाकाम्मा चेप्पिनडी' में उन्हें मुख्य अभिनेता की भूमिका मिली. इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. कुछ सालों में ही रजनीकांत तमिल सिनेमा के महान सितारे बन गए और तब से लेकर अब तक वह सिनेमा जगत में एक प्रतिमान बने हुए हैं.
तमिल-तेलगु ही नहीं रजनीकांत ने अन्य देशों की फिल्मों में भी काम किया है जिनमें अमेरिका की फिल्में भी शामिल हैं. वह उन गिने-चुने सितारों में से हैं जिनका मानना है कि उनका काम खुद-ब-खुद उनके बारे में बोलता है.
बॉलीवुड की बात करें तो यहां पर उन्होंने 'मेरी अदालत', 'जान जॉनी जनार्दन', 'भगवान दादा', 'दोस्ती दुश्मनी', 'इंसाफ कौन करेगा', 'असली नकली', 'हम', 'खून का कर्ज', 'क्रांतिकारी', 'अंधा कानून', 'चालबाज', 'इंसानियत का देवता' जैसी कई हिट फिल्में दीं.
2014 में रजनीकांत को 6 तमिलनाडु ‘स्टेट फिल्म अवार्ड्स’ से नवाजा गया जिनमें से 4 ‘सर्वश्रेष्ठ अभिनेता’ और 2 ‘स्पेशल अवार्ड्स फॉर बेस्ट एक्टर’ के लिए उन्हें मिले. 2000 में उन्हें ‘पद्म भूषण’ से सम्मानित किया गया. इसके अलावा 2014 में आय़ोजित 45वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया में रजनीकांत को ‘सेंटेनरी अवॉर्ड फॉर इंडियन फिल्म पर्सनेल्टिी ऑफ द ईयर’ से सम्मानित किया गया.

No comments:
Post a Comment