राजधानी में नर्सरी एडमिशन के मामले पर आज दिल्ली हाइकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है. दिल्ली हाई कोर्ट ने निजी स्कूलों को बड़ी राहत देते हुए कहा कि आगे से सभी एडमिशन गांगुली कमेटी के दिशा-निर्देशों के अनुसार किए जाएंगे और अनुच्छेद 19 के प्रावधान 1(जी) के तहत सरकार के पास निजी स्कूलों के लिए गाइडलाइंस बनाने का कोई अधिकार नहीं है. कोर्ट ने कहा कि सरकार इसमें दखल न दे. वहीं कोर्ट के इस फैसले से साफ हो गया है कि 2015-16 से नर्सरी एडमिशन पर उपराज्यपाल की गाइडलाइंस लागू नहीं होंगी.
गौरतलब है कि दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग ने 18 दिसंबर 2013 को नर्सरी एडमिशन के लिए कुछ दिशा निर्देश जारी किए थे जिसके खिलाफ बच्चों के अभिभावकों ने याचिका दायर की थी. इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए जस्टिस मनमोहन ने दिल्ली सरकार को राष्ट्रीय राजधानी में आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए नर्सरी दाखिले के लिए नई अधिसूचना जारी करने से भी रोका था.
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपने आदेश को सुरक्षित रखने के दौरान कहा था कि अगर सरकार नए दिशा-निर्देश जारी करती है तो याचिकाएं निरर्थक कर दी जाएंगी. आज कोर्ट ने इस बाबत फैसला सुना दिया है.

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