‘पिया तू अब तो आजा’, ‘आओ ना गले लगा लो ना’, ‘ये मेरा दिल यार का दीवाना’ जैसे गानों को सुनते ही सबसे पहला ध्यान कैबरे क्वीन हेलेन पर जाता है. आज हेलेन का जन्मदिन है और वह 76 साल की हो चुकी हैं. हिंदी फिल्मजगत में हेलेन का नाम एक ऐसी अभिनेत्री के तौर पर शुमार है जिन्होंने अपने डांस से सिने दर्शकों के बीच अपनी एक अलग ही पहचान बनाई है. हेलेन का जन्म 21 नवंबर, 1938 को बर्मा (अब म्यांमार) में हुआ था और इनका पूरा नाम हेलन रिचर्डसन खान है.
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद हेलेन का पूरा परिवार मुंबई आ गया था. हेलेन की मां नर्स थीं और घर की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण उन्होंने स्कूल की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी. इसी दौरान उनकी पारिवारिक मित्र और मशहूर डांसर कुक्कू ने हेलेन की प्रतिभा को पहचाना और उन्हें बतौर डांसर फिल्मों में काम करने की सलाह दी. हेलेन को लेकर कुक्कू नृत्य निर्देशक बदरी प्रसाद के पास गए और कहा यह लड़की बहुत ही उम्दा नाचती है और इसे एक मौका मिले और ट्रेनिंग दी जाए तो यह उच्च स्थान प्राप्त कर सकती है.
कुक्कू की सिफारिश से हेलेन को 1951 में फिल्म ‘शबिस्तान’ और फिल्म ‘आवारा’ में डांसरों के ग्रुप में काम करने का मौका मिला. इस दौरान उन्होंने मणिपुरी, भरतनाट्यम, कथक जैसे शास्त्रीय नृत्यों की भी शिक्षा हासिल की. इसी बीच फिल्म ‘बारिश’ में हेलेन पर फिल्माया गया गाना ‘मिस्टर जान या बाबा खान या लाला रोशन दान’ दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ.
1975 में रिलीज हुई फिल्म ‘शोले’ हेलेन के बॉलीवुड करियर की अहम फिल्मों में शुमार की जाती है इस फिल्म में आर.डी. बर्मन के संगीत निर्देशन में उनपर फिल्माया गया गाना ‘महबूबा महबूबा’ आज भी सिने प्रेमियों को झूमने पर मजबूर कर देता है. 70 के दशक में नायिकाओं द्वारा ही खलनायिका का किरदार निभाने और डांस करने के कारण हेलेन को फिल्मों में काम मिलना बहुंत ही कम हो गया. संवाद एवं पटकथा लेखक सलीम खान की सिफारिश पर हेलेन को ‘इमान’, ‘धर्म’, ‘डान’ और ‘दोस्ताना’ जैसी फिल्मों में काम करने का मौका मिला जिसके बाद हेलेन ने सलीम खान से शादी कर ली.
अपने अबतक के सिने करियर में हेलन 500 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुकी हैं. हेलेन पर कुछ किताबें भी लिखी गई हैं. 1973 में मर्चेट-इवोरी प्रोडक्शन ने "हेलन-क्वीन ऑफ नॉच गल्र्स" नाम से उनके करियर पर 30 मिनट की डॉक्यूमेंटरी भी बनाई थी. 1983 में हेलेन ने आधिकारिक तौर पर फिल्मों से संन्यास ले लिया था लेकिन उसके बाद भी उन्होंने ‘खामोशी’, ‘मोहब्बतें’, ‘हम दिल दे चुके सनम’, ‘हमको दीवाना कर गए’ हिरोइन जैसी फिल्मों में कैमियो किया. 2009 में हेलेन को पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा गया. वहीं हेलन को फिल्मफेयर से लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड मिला जिसे वह अपने लिए सबसे ज्यादा गौरव की बात मानती हैं.

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