दूरसंचार नियामक ट्राई 3 मई से पूरे देश में मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) शुरू करने जा रहा है. इसके लिए ट्राई ने नियमों की सूची तैयार की है जिसके तहत मोबाइल ग्राहक देश में कहीं भी दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी बदल सकेंगे और उनका मोबाइल नंबर वही रहेगा.
आपको बता दें कि फिलहाल मोबाइल ग्राहकों को दूरसंचार कंपनी बदलने की छूट सीमित है. ग्राहक अभी केवल एक दूरसंचार सर्किल में ही अपना सेवा प्रदाता बदल सकते हैं और ज्यादातर मामलों में यह एक राज्य तक ही सीमित है. वैसे तो इस योजना को छह महीने में लागू करना था लेकिन ट्राई की ओर से जारी वक्तव्य के अनुसार एमएनपी को अमल में लाने के लिए एमएनपी नियमन 2009 (संशोधित) में कुछ बदलाव करने होंगे. इसके लिए एक प्रारूप तैयार किया गया है.
3 नवंबर 2014 को दूरसंचार विभाग ने एमएनपी लाइसेंस समझौते में संशोधन जारी किया था. इसमें दूरसंचार कंपनियों से लाइसेंस में संशोधन होने की तिथि से छह माह के भीतर एमएनपी लागू करने को कहा गया था. ग्राहक से मांगे सुझाव नए संशोधनों में ट्राई पोस्टपेड ग्राहकों के हितों का ध्यान में रखेगा.
आपको बता दें कि अभी पोर्टेबिलिटी करानेवाले ग्राहकों को सभी भुगतान के बावजूद नए नेटवर्क में दिक्कत आती है. अब नियामक ने समय सीमा तय कर दी है जिसमें पुराने और नए सेवा प्रदाता को ग्राहकों के बकाए पर स्थिति स्पष्ट करनी होगी. इसके साथ ही ट्राई ने एमएनपी नियम सूची पर आम जनता से 6 फरवरी तक सुझाव मांगे हैं.

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